आजकल पर्सनल लोन लेना एक आम बात हो गई है। चाहे कोई इमरजेंसी हो, शादी का खर्च हो, बच्चों की पढ़ाई हो या घर का रेनोवेशन, पर्सनल लोन तुरंत फंडिंग का एक आसान जरिया बन गया है। लेकिन इस आसानी के पीछे छुपे हैं कुछ जोखिम। अगर आपने पर्सनल लोन लेते समय सावधानियां नहीं बरती, तो यही लोन आपकी वित्तीय परेशानियों का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं पर्सनल लोन लेने से पहले क्या देखें और किन लोन लेने की गलतियां से बचना चाहिए।
1. क्रेडिट स्कोर की अनदेखी: सबसे बड़ी भूल
पर्सनल लोन में क्रेडिट स्कोर की अहम भूमिका होती है। यह एक ऐसा आईना है जो आपकी कर्ज चुकाने की आदतों को दिखाता है। अगर आपका स्कोर 750 से ऊपर है, तो आपको कम पर्सनल लोन का ब्याज दर और आसानी से लोन मिलने की संभावना रहती है। वहीं, 650 से नीचे का स्कोर लोन रिजेक्ट होने का बड़ा कारण बन सकता है। यह लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट होने के कारण में से एक प्रमुख कारण है।
क्या करें:
- अपने सभी क्रेडिट कार्ड बिल और EMI समय पर चुकाएं।
- एक साथ कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन न करें।
- अपना पुराना बकाया कर्ज possible हो तो पहले चुका दें।
2. इनकम और नौकरी की स्थिरता को नजरअंदाज करना
जब आप पर्सनल लोन कैसे लें यह सोच रहे होते हैं, तो सबसे पहले अपनी आय और नौकरी की स्थिरता को जांचें। ज्यादातर बैंक महीने की न्यूनतम आय (आमतौर पर ₹25,000-₹30,000) तय करते हैं। साथ ही, अगर आप बार-बार नौकरी बदलते हैं या एक कंपनी में 6 महीने से कम समय से काम कर रहे हैं, तो पर्सनल लोन रिजेक्ट क्यों होता है इसका यह एक बड़ा कारण है। बैंकों को आपकी आय का स्थिर स्रोत दिखाना जरूरी है।
क्या करें:
- अगर आप सेल्फ-एम्प्लॉयड हैं, तो अपने ITR और बैंक स्टेटमेंट तैयार रखें।
- नौकरी बदली है तो प्रमोशन या ऑफर लेटर जमा करें।
3. मौजूदा कर्ज का हिसाब न रखना
क्या आप पहले से ही कार लोन, होम लोन या क्रेडिट कार्ड का बकाया चुका रहे हैं? अगर हां, तो नया लोन लेने से पहले अपने कुल कर्ज पर गौर करें। आपकी कुल EMI आपकी मासिक आय के 40-50% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा होने पर आपका लोन रिजेक्ट हो सकता है। यह What to avoid when taking a personal loan में सबसे ऊपर आता है।
क्या करें:
- लोन लेने से पहले EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें।
- Possible हो तो पहले ज्यादा ब्याज वाले छोटे कर्ज चुकाएं।
4. ब्याज दर और छिपे खर्चों को न समझना
सिर्फ कम ब्याज दर देखकर ही लोन न लें। सही पर्सनल लोन कैसे चुनें यह जानना बेहद जरूरी है। प्रोसेसिंग फी, लेट पेमेंट चार्ज, फॉरक्लोजर चार्ज जैसे छिपे हुए खर्चे आपकी कुल लागत बढ़ा सकते हैं। कई बार कम ब्याज दर के चक्कर में ज्यादा प्रोसेसिंग फी देना एक Common personal loan mistakes है।
क्या करें:
- अलग-अलग बैंकों और एनबीएफसी की ब्याज दरों और फीस की तुलना करें।
- प्री-पेमेंट के नियम जरूर पूछें।
5. डॉक्युमेंट्स में गलतियां करना
पर्सनल लोन के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, पैन, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट में दी गई जानकारी एकदम सही और मेल खानी चाहिए। नाम में स्पेलिंग की छोटी सी गलती या पते में अंतर भी आपकी लोन अप्रूवल प्रक्रिया में रुकावट पैदा कर सकता है।
क्या करें:
- आवेदन फॉर्म भरने से पहले सभी दस्तावेजों को दोबारा जांच लें।
- एक ही समय पर कई बैंकों में आवेदन करने से बचें, इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर पड़ता है।
लोन अप्रूवल के आसान तरीके
अगर आप पर्सनल लोन लेते समय क्या ध्यान रखें यह समझ गए हैं, तो लोन मंजूर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इन आसान तरीकों को अपनाएं:
- सही लेनदेन का रिकॉर्ड रखें: अपने बैंक अकाउंट में नियमित लेनदेन बनाए रखें।
- को-एप्लिकेंट जोड़ें: अगर आपकी इनकम कम है, तो परिवार के किसी सदस्य को सह-आवेदक बनाएं।
- छोटी रकम के लिए आवेदन करें: जरूरत के हिसाब से ही लोन की रकम मांगे।
निष्कर्ष
पर्सनल लोन लेते समय सावधानियां बरतना आपको भविष्य में होने वाले वित्तीय तनाव से बचा सकता है। लोन लेने का फैसला सोच-समझकर और सही जानकारी के साथ लें। अपने क्रेडिट स्कोर को सुधारें, अपनी आय और कर्ज का सही आकलन करें और विभिन्न बैंकों के ऑफर्स की अच्छी तरह तुलना करें। याद रखें, जिम्मेदारी से लिया गया लोन ही आपकी मदद कर सकता है, वरना यह वित्तीय बोझ बन सकता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। हम कोई वित्तीय सलाहकार नहीं हैं। पर्सनल लोन या किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें। किसी भी लोन आवेदन का निर्णय आपकी व्यक्तिगत स्थिति और बैंक के नियमों पर निर्भर करता है। हम किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

