बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को घोषणा की कि जिन मतदाताओं के पास मतदाता फोटो पहचान पत्र (वोटर आईडी) नहीं है, वे भी मतदान कर सकेंगे। इसके लिए आयोग ने 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों को मान्यता दी है।
कौन से दस्तावेज हैं मान्य?
आयोग ने बताया कि पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज, बैंक/पोस्ट ऑफिस की पासबुक, श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत भारत के महापंजीयक द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, केन्द्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र जैसे 12 दस्तावेजों को वोटर आईडी के विकल्प के रूप में स्वीकार किया जाएगा। यह व्यवस्था उन मतदाताओं के लिए है जिनका नाम मतदाता सूची में तो दर्ज है, लेकिन किसी कारणवश वे अपना वोटर आईडी कार्ड प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं।
क्या कहता है कानून?
निर्वाचन आयोग के अनुसार, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचक नामावली नियम, 1960 के तहत उन्हें यह अधिकार प्राप्त है। आयोग का मकसद है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे। बिहार और उपचुनाव वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 100 प्रतिशत मतदाताओं को वोटर ईपीआईसी जारी की जा चुकी है।
बुर्के वाली महिलाओं के लिए खास इंतजाम
आयोग ने बुर्का पहनकर आने वाली महिला मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। इन महिलाओं की पहचान सत्यापित करने के लिए महिला मतदान अधिकारियों या परिगणकों की उपस्थिति में विशेष व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उनकी गोपनीयता का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस काम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मदद करेंगी।
ये सभी व्यवस्थाएं मतदान को और अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाने के लिए की गई हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा मतदाता मतदान प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।

