निवेश की दुनिया में हलचल बनी हुई है और अक्टूबर का आखिरी हफ्ता कुछ दिलचस्प IPO (Initial Public Offering) लेकर आया है। अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं या फिर नए निवेशक के तौर पर अपना सफर शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय काफी उत्साहजनक है। चलिए, इस हफ्ते लॉन्च हो रहे इन मौकों पर एक विस्तृत और आसान नजर डालते हैं।
आईपीओ क्या है और यह क्यों मायने रखता है?
सबसे पहले समझते हैं कि आईपीओ आखिर है क्या? आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग वह प्रक्रिया है जब कोई निजी कंपनी पहली बार आम जनता और निवेशकों को अपने शेयर बेचती है। इसके जरिए कंपनी व्यापार के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स में निवेश या कर्ज चुकाने के लिए पूंजी जुटाती है। वहीं, निवेशकों को कंपनी का हिस्सेदार बनने और भविष्य में संभावित मुनाफा कमाने का मौका मिलता है। यह किसी नई सफलता की शुरुआत जैसा होता है।
Orkla India IPO: मेनबोर्ड का बड़ा दावेदार
इस हफ्ते की सबसे चर्चित पेशकश ओर्कला इंडिया की है, जो एक मेनबोर्ड आईपीओ है।
- खुलने की तारीख: 29 अक्टूबर 2025
- बंद होने की तारीख: 31 अक्टूबर 2025
- कीमत बैंड: ₹695 से ₹730 प्रति शेयर
- इश्यू का आकार: लगभग ₹1667.54 करोड़
- जीएमपी (26 अक्टूबर के अनुसार): ₹145
- संभावित लिस्टिंग तारीख: 6 नवंबर 2025
क्यों है खास?
ओर्कला इंडिया प्रोसेस्ड फूड और पैकेज्ड मसालों के व्यवसाय में एक जाना-माना नाम है। कंपनी MTR और Eastern जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स की मालिक है, जो भारतीय घरों में काफी विश्वसनीय माने जाते हैं। इसकी मजबूत ब्रांड वैल्यू और बाजार में पकड़ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। इसका ऊंचा GMP (Grey Market Premium) बाजार में इसके शेयरों की मजबूत मांग को दर्शाता है।
Jayesh Logistics IPO: एसएमई सेगमेंट का चमकता सितारा
अगर आप एसएमई (लघु और मध्यम उद्यम) आईपीओ में निवेश करने के इच्छुक हैं, तो जयेश लॉजिस्टिक्स पर नजर रख सकते हैं।
- खुलने की तारीख: 27 अक्टूबर 2025
- बंद होने की तारीख: 29 अक्टूबर 2025
- कीमत बैंड: ₹116 से ₹122 प्रति शेयर
- इश्यू का आकार: ₹28.63 करोड़
- जीएमपी (26 अक्टूबर के अनुसार): ₹4
- लिस्टिंग का लक्ष्य: 3 नवंबर 2025
क्यों है खास?
जयेश लॉजिस्टिक्स लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने वाली कंपनी है जो एक स्मार्ट लॉजिस्टिक्स ऐप के जरिए अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। लॉजिस्टिक्स सेक्टर का भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम रोल है और तेजी से ग्रोथ कर रहा है। छोटे निवेशकों के लिए यह एक सस्ता और संभावनाओं भरा विकल्प हो सकता है।
Game Changers Texfab IPO: टेक्सटाइल में नई संभावनाएं
यह आईपीओ उन निवेशकों के लिए है जो टेक्सटाइल सेक्टर में दिलचस्पी रखते हैं।
- खुलने की तारीख: 28 अक्टूबर 2025
- बंद होने की तारीख: 30 अक्टूबर 2025
- कीमत बैंड: ₹96 से ₹102 प्रति शेयर
- इश्यू का आकार: ₹54.84 करोड़
- वर्तमान जीएमपी: शून्य (कोई प्रीमियम नहीं)
क्यों है खास?
गेम चेंजर्स टेक्सफैब फैब्रिक डिस्ट्रीब्यूशन के बिजनेस में है और इनोवेटिव डिजाइनों पर फोकस कर रही है। हालांकि इसका जीएमपी फिलहाल शून्य है, जो बाजार में इसे लेकर सामान्य उत्साह को दिखाता है, लेकिन कंपनी की मजबूत सप्लाई चेन और ग्रोथ प्लान्स इसे एक संभावनाशील दांव बना सकते हैं।
Safecure Services IPO: सुरक्षा क्षेत्र में निवेश
यह आईपीओ सिक्योरिटी और फेसिलिटी मैनेजमेंट के सेक्टर को टारगेट करता है।
- खुलने की तारीख: 29 अक्टूबर 2025
- बंद होने की तारीख: 31 अक्टूबर 2025
- तय कीमत: ₹102 प्रति शेयर
- इश्यू का आकार: ₹30.6 करोड़
- वर्तमान जीएमपी: शून्य (कोई प्रीमियम नहीं)
क्यों है खास?
सेफक्योर सर्विसेज सिक्योरिटी के क्षेत्र में तेजी से उभर रही है। बढ़ते शहरीकरण और व्यवसायिक परिसरों के साथ सुरक्षा सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। यह कंपनी इसी जरूरत को पूरा करती है और एसएमई निवेशकों के लिए एक नया विकल्प पेश कर रही है।
GMP (Grey Market Premium) क्या है और इसे कैसे समझें?
आईपीओ की दुनिया में GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम का जिक्र अक्सर सुनने को मिलता है। समझते हैं इसे सरल भाषा में।
जीएमपी वह अतिरिक्त राशि है जो निवेशक शेयर की आधिकारिक कीमत के ऊपर, अनौपचारिक बाजार (ग्रे मार्केट) में चुकाने को तैयार होते हैं। मतलब, अगर किसी शेयर का प्राइस बैंड ₹100 है और उसका GMP ₹20 है, तो लिस्टिंग से पहले ही लोग इसे ₹120 में खरीद-बेच रहे हैं।
- ऊंचा GMP: इसका मतलब है कि बाजार में उस शेयर की डिमांड ज्यादा है और निवेशकों को उम्मीद है कि लिस्टिंग के बाद इसके दाम तेजी से बढ़ेंगे। ओर्कला इंडिया का GMP इसका उदाहरण है।
- निम्न या शून्य GMP: इसका मतलब यह नहीं है कि आईपीओ खराब है। इसका सीधा मतलब है कि फिलहाल बाजार में उस शेयर को लेकर उत्साह कम है या फिर यह एक नया/अनजाना ब्रांड है।
याद रखें: GMP केवल बाजार के मूड का एक संकेतक है, यह गारंटी नहीं कि शेयर का प्रदर्शन ऐसा ही होगा।
सिर्फ इस हफ्ते ही नहीं, आगे भी हैं कई मौके
अगर आप इस हफ्ते इनमें से किसी आईपीओ में निवेश नहीं कर पा रहे हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है। आने वाले समय में कुछ और intresting IPOs लाइन में हैं, जिन्हें SEBI की मंजूरी मिल चुकी है। इनमें शामिल हैं:
- शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज: लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी का बड़ा प्लेयर, जिसका इश्यू साइज ₹2500 करोड़ से भी ज्यादा हो सकता है।
- पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी: ज्वेलरी सेक्टर की जानी-मानी कंपनी।
- रेजॉन सोलर: सोलर एनर्जी के क्षेत्र में सक्रिय कंपनी।
- सेफेक्स केमिकल्स: केमिकल्स के बिजनेस में अपनी पहचान बनाने वाली कंपनी।
इनकी सटीक तारीखों और विवरणों का इंतजार करना होगा।
आईपीओ में निवेश से पहले यह जरूर करें (अंतिम सलाह)
आईपीओ में पैसा लगाना रोमांचक जरूर है, लेकिन सावधानी और रिसर्च बेहद जरूरी है।
- कंपनी को जानें: सबसे पहले कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है, वह किस सेक्टर में काम करती है, यह अच्छे से समझें।
- आरएचप (Red Herring Prospectus) पढ़ें: यह वह दस्तावेज है जिसमें कंपनी की पूरी जानकारी, फाइनेंशियल डिटेल, रिस्क फैक्टर्स और फंड के इस्तेमाल का प्लान होता है। इसे जरूर पढ़ें।
- फंड के इस्तेमाल पर गौर करें: देखें कि कंपनी आईपीओ से जुटाए पैसे का इस्तेमाल कहां करने वाली है। क्या यह प्लान व्यवसाय के विस्तार के लिए समझदारी भरा है?
- जीएमपी को अकेला आधार न बनाएं: जैसा कि पहले बताया, GPM सिर्फ एक संकेतक है। इसे ही निवेश का एकमात्र आधार न बनाएं।
- जोखिम को समझें: शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के साथ जुड़ा होता है। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमतें कम भी हो सकती हैं। अपने रिस्क टॉलरेंस के हिसाब से ही निवेश करें।
निष्कर्ष:
अक्टूबर का आखिरी हफ्ता निवेशकों के लिए कई विकल्प लेकर आया है। चाहे वह ओर्कला जैसा बड़ा मेनबोर्ड आईपीओ हो या फिर जयेश लॉजिस्टिक्स जैसा एसएमई ऑफर, हर किसी के लिए कुछ न कुछ है। बस जरूरी है थोड़ी सी रिसर्च और समझदारी की। सही जानकारी और सही समय पर लिया गया निर्णय आपके निवेश को सफल बना सकता है।
निवेश से जुड़ी कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। यह लेख सिर्फ सूचना देने के उद्देश्य से लिखा गया है।

