Screen Time Effect अब सिर्फ आंखों की रोशनी के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई के लिए भी एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। हाल ही में कनाडा में हुई एक बड़ी रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के Academic Performance पर सीधा बुरा असर डाल रहा है।
स्क्रीन टाइम और पढ़ाई के नंबरों में गहरा संबंध
इस स्टडी के मुताबिक, बचपन में टीवी, मोबाइल या वीडियो गेम पर ज्यादा समय बिताने वाले बच्चों के स्कूल में गणित और पढ़ने के नंबर कम आते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्क्रीन पर बिताया गया हर एक अतिरिक्त घंटा, बच्चे के अच्छे ग्रेड पाने की संभावना 9% से 10% तक कम कर देता है। साफ है कि Screen Time Effect बच्चों की पढ़ाई पर सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है।
5,000 से ज्यादा बच्चों पर हुई स्टडी
यह स्टडी कनाडा के 5,000 से अधिक बच्चों पर की गई थी। इसमें ग्रेड 3 (8-9 साल) के 3,322 और ग्रेड 6 (11-12 साल) के 2,084 बच्चों को शामिल किया गया। रिसर्च में देखा गया कि जिन बच्चों ने शुरुआती सालों में ज्यादा screen time बिताया, उनके Academic Performance में साफ कमी देखी गई।
कैसे हुई रिसर्च?
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने माता-पिता से उनके बच्चों के शुरुआती सालों के Screen Time के बारे में जानकारी ली। फिर इस डेटा की तुलना बच्चों के मानक टेस्ट के नतीजों से की गई। ये टेस्ट कनाडा की ‘एजुकेशन क्वालिटी एंड अकाउंटेबिलिटी ऑफिस’ द्वारा कराए गए थे। नतीजे साफ दिखा रहे थे कि Screen Time Effect बच्चों के Academic Performance पर सीधे तौर पर देखा जा सकता है।
स्मार्टफोन और टैबलेट ने बढ़ाई मुश्किल
रिसर्चर्स का कहना है कि स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे डिवाइस के आने से बच्चों का Screen Time काफी बढ़ गया है। पहले सिर्फ टीवी ही मुख्य स्क्रीन थी, लेकिन अब मोबाइल और टैबलेट ने Screen Time Effect की इस समस्या को और गहरा दिया है।
क्या है समाधान?
How to keep children away from mobile phones
इस स्टडी से साफ पता चलता है कि माता-पिता को बच्चों के Screen Time पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को पढ़ाई और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। डिजिटल दुनिया जरूरी है, लेकिन इसका संतुलित इस्तेमाल ही बच्चों के बेहतर Academic Performance के लिए जरूरी है।

